आवारा
25 मई 2014
इंसान
उ
स भीड़ भरी सड़क पर,
मैं देखता रहा, चलता रहा,
किनारों पर,
अहातों पर,
रेस्त्रा पर,
फूटपाथ पर,
चिलचिलाती उस गर्मी में,
मैं इंसान ढूंढता रहा.
- नीरज
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